हमारा कोई नहीं

साथी तो कई हैं, पर सहारा कोई नहीं.
कश्ती तो कई हैं, पर किनारा कोई नहीं.
राहें तो कई हैं, पर बसेरा कोई नहीं.
हम तो सब के हैं, पर हमारा कोई नहीं.


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